अखिल भारतीय साहित्य परिषद्

साहित्य सेवा एवं सांस्कृतिक संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश साहित्य परिषद् की उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न

12 अप्रैल 2026 को ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर में उत्तर प्रदेश साहित्य परिषद् की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस गरिमामयी बैठक में साहित्य जगत के विभिन्न विद्वानों एवं पदाधिकारियों ने सहभागिता कर संगठन की गतिविधियों, योजनाओं एवं भविष्य की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

बैठक की विशेष गरिमा उस समय और बढ़ गई जब अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र द्विवेदी ‘मधुपेश’ जी स्वयं उपस्थित होकर अपने मार्गदर्शन से सभी को प्रेरित किया। उनके विचारों ने साहित्यिक उन्नयन, सांस्कृतिक संरक्षण एवं संगठन की मजबूती को नई दिशा प्रदान की।

इस अवसर पर सभी सदस्यों ने साहित्य सेवा के प्रति अपने समर्पण को दोहराते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने का संकल्प लिया।
👉”साहित्य से संस्कार, संस्कार से सशक्त समाज”

प्रयागराज में “आत्मबोध से विश्वबोध” विषय पर डॉ. पवनपुत्र बादल का मुख्य वक्तव्य

प्रयागराज 14 फरबरी 2026 ! अखिल भारतीय साहित्य परिषद् काशी प्रान्त और हिंदुस्थानी अकादमी के संयुक्त तत्वाधान में प्रयागराज में आयोजित व्याख्यान आत्मबोध से विश्वबोध में अखिल भारतीय महामंत्री डॉ पवनपुत्र बादल का मुख्य बक्तव्य , भव्य आयोजन

नव संवत्सर पर साहित्य परिषद् का भव्य आयोजन

नव संवत्सर के पावन अवसर पर साहित्य परिषद् लखनऊ महानगर द्वारा आयोजित भव्य संगोष्ठी अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक रही। इस गरिमामयी अवसर पर ‘साहित्य परिक्रमा’ के विशेषांक “आत्मबोध से विश्वबोध” का लोकार्पण महामंत्री डॉ. पवनपुत्र बादल जी एवं अन्य सम्मानित अतिथियों के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।

यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और चिंतन की एक सुंदर संगमस्थली बना, जिसने आत्मबोध से विश्वबोध की ओर बढ़ने का संदेश दिया। इस सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों, अतिथियों एवं सहभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।