






































रीवा (म.प्र.) में संपन्न हुए अखिल भारतीय साहित्य परिषद् के 17वें अधिवेशन – 2025 की सभी सुंदर झलकियाँ नीचे दिए गए लिंक में उपलब्ध हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है कि कृपया अपनी-अपनी तस्वीरें वहाँ से डाउनलोड करें और इस भव्य आयोजन की स्मृतियों को सहेज कर रखें। 📸🌸
अध्यक्ष सूची
श्री.जैनेन्द्र कुमार
डॉ. गोविन्द शंकर कुरूप
डॉ. फतेहसिंह
पण्डित सोहन लाल द्विवेदी
डॉ. जी. वी. सुब्रमण्यम
डॉ. रमानाथ त्रिपाठी
डॉ. जगदीश गुप्ता
डॉ. विद्यानिवास मिश्र
श्री. भंडारु सदाशिव
डॉ. दयाकृष्ण विजय कार्यकारी अध्यक्ष
डॉ. कन्हैयासिंह कार्यकारी अध्यक्ष
डॉ. यतीन्द्र तिवारी कार्यकारी अध्यक्ष
डॉ. बलवंत जानी
डॉ. त्रिभुवननाथ शुक्ल
डॉ. कसी रेड्डी
डॉ. सुशीलचंद्र त्रिवेदी "मधुपेश" - ( वर्तमान अध्यक्ष)
स्थापना







अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की स्थापना अश्विन शुल्क द्वादशी सम्वत २०३३ विक्रमी, तदनुसार २७ अक्तूबर, १९६६ को दिल्ली में हुई और उसी वर्ष इसका राष्ट्रीय अधिवेशन प्रसिद्ध साहित्यकार जैनेन्द्र जी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ |
यह संगठन आज देश के जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उडीसा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश प्रान्तों ने भारत-भक्ति के भाव जागरण करते हुए आत्मचेतन भारत के निर्माण के द्वारा साहित्य-रचना और आलोचना के क्षेत्र में वैचारीक की स्थापना के अपने संकल्प को आप सब के सक्रिय सहयोग से साकार करने में सफल हुआ |
उद्देश्य
- 1. भारतीय साहित्य और भारतीय भाषाओ की उन्नति |
- 2. भारतीय साहित्य एवं भाषाओं के अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहन तथा तत्संबंधी अनुसंधान केंद्र की स्थापना |
- 3. भारतीय भाषाओं में परस्पर आदान -प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना |
- 4. भारतीय जीवन - मूल्यों में आस्था रखने वाले साहित्यकारों को प्रोत्साहित करना तथा ऐसे साहित्य के प्रकाशन और प्रसारण में सहयोग करना |
- 5. जनमानस में भारतीय साहित्य के प्रति आस्था तथा अभिरुचि उत्पन्न करना |
- 6. साहित्य सामाजिक परिवर्तन का वाहक बन कर राष्ट्र की प्रगति में प्रभावी भूमिका निभा सके , इसके लिए प्रयास करना |
- 7. इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु कार्य समिति द्वारा निर्णीत अन्य कार्य |
साहित्यकार सम्मान समारोह

प्रथम साहित्यकार सम्मान समारोह 2007 दिल्ली
संगोष्ठी में उद्बोधन देते हए पूजनीय सुदर्शन जी, नरेन्द्र कोहली और महामंत्री कृष्णचन्द्र गोस्वामी

द्वितीय साहित्यकार सम्मान समारोह 2013 भोपाल
समारोह का उद्घाटन करे हुये पूजनीय सरसंघचालक जी

तृतीय साहित्यकार सम्मान समारोह 2023 भुवनेश्वर
परिषद् के कार्यकर्ता
प्रकाशन
विशेष रुप से प्रदर्शित स्वयंसेवक
"अरे दोस्त ! क्यों रोता है? तेरे भीतर तो सर्वशक्ति मौजूद है। तू तो भग- ज्योति से युक्त है, भग-ज्योति देने वाला तो तेरा अपना स्वरूप है। तू उसी का आव्हान कर।" ये महापुरुष मानव के भीतर ही सम्यक प्रकाशनीय उस भागवती अमर-ज्योति या सर्वशक्ति की ओर संकेत करते हैं जिसके द्वारा वह उस अंधकार को मानव जीवन से निकालकर सत्य को सुलभ बना सकता है। इसी सम्भावना को लक्ष्य करके भारतीय वाङमय में मानव-जीवन की सर्वोत्कृष्ट गरिमा को स्वीकार किया गया है।
कृपया नीचे दिया गया फॉर्म भरें और हम अगले 1 घंटे में आपसे संपर्क करेंगे!
मध्य भारतीय हिंदी साहित्य सभा गैलरी






अखिल भारतीय साहित्य परिषद केन्द्रीय कार्यकारिणी बैठक 15-16 अप्रैल 2023 वैशाख कृष्ण दशमी-एकादशी विक्रम संवत २०८० स्थान - माण्डव
उच्च स्तरीय संगोष्ठी में अविस्मरणीय अनुभव
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी को सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। विद्वान वक्ताओं, प्रख्यात शिक्षाविदों और शोधार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी सार्थक बनाया। विश्वविद्यालय परिसर का बौद्धिक वातावरण, गहन विषयों पर सार्थक विमर्श तथा आयोजकों की उत्कृष्ट व्यवस्था वास्तव में प्रशंसनीय रही।
इस अवसर का हिस्सा बनना राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशील चंद्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी के लिए न केवल सम्मान जनक, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अविस्मरणीय अनुभव रहा।
डॉ. सुशील चन्द्र त्रिवेदी 'मधुपेश' जी न- एन.बी.टी. पुस्तक महोत्सव
भारतीय साहित्य जगत के सम्मानित एवं प्रेरणादायी व्यक्तित्व डॉ. सुशील चन्द्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी ने हाल ही में एन.बी.टी. पुस्तक महोत्सव के अंतर्गत पुस्तक स्टॉल का अवलोकन करते हुए साहित्य और संस्कृति के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और समर्पण को प्रदर्शित किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष और एस.एस. संस्थान (NGO) के संस्थापक एवं प्रबंधक के रूप में, वे साहित्यिक गतिविधियों के संवर्धन, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर सक्रिय हैं। उनके प्रयास नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. सुशील चन्द्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी और पद्मश्री मालिनी अवस्थी जी
भारतीय साहित्य और संस्कृति के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व डॉ. सुशील चन्द्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी ने हाल ही में प्रसिद्ध लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी जी को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।
इस अवसर पर डॉ. मधुपेश जी ने लोकसंगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में पद्मश्री मालिनी अवस्थी जी के अद्वितीय योगदान की सराहना की और उनके कार्य को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
डॉ. मधुपेश जी का यह प्रयास साहित्य, कला और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में उनके समर्पण और सक्रिय भूमिका को उजागर करता है।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा सम्मान
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा अपने बोर्ड सदस्य डॉ. सुशील चन्द्र त्रिवेदी “मधुपेश” जी को उनके साहित्यिक योगदान और समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
इस सम्मान के माध्यम से डॉ. मधुपेश जी के साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर समर्पण को सराहा गया, जो युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
सत्रहवें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी बैठक – रीवा में हुआ आयोजन
रीवा, 24 अगस्त – आगामी सत्रहवें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी को लेकर एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में संयुक्त महामंत्री डॉ. पवनपुत्र बादल विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने अधिवेशन की तैयारियों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।
👉 इस अवसर पर अधिवेशन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
👉 डॉ. बादल ने कहा कि यह अधिवेशन संगठन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत बनाएगा।
बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अधिवेशन को भव्य व ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
स्व.डॉ कमल किशोर गोयनका जी की श्रद्धांजलि सभा
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात प्रेमचंद साहित्य मूर्धन्यसाहित्यकार डॉ कमल किशोर गोयनका के श्रद्धांजलि सभा में पधारे विश्व विख्यात साहित्यकार अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में देश-विदेश से प्रमुख साहित्यकार एकत्र हुए और अपनी विनम्र श्रद्धांजलि प्रकट की। प्रमुख साहित्यकारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री निशंक जी भारतीय भाषा परिषद के अध्यक्ष चम्मू कृष्ण शास्त्री जी शिक्षा संस्कृति न्यास के संगठक श्री अतुल कोठारी जी विद्या भारती के वरिष्ठ पूर्णकालिक श्री लक्ष्मी नारायण भालाजी दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ राम शरण गौड़ जी साहित्य अकादमी हरियाणा के पूर्व निदेशक डॉ पूरनमल गौड़ जी प्रवासी भारत के संपादक श्री राकेश पांडे जी कमल संदेश के संपादक श्री शिव शक्ति जी अखिल भारतीय साहित्य परिषद राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संगठन मंत्री आदरणीय श्रीधर पराड़कर जी, सह संगठन मंत्री मनोज कुमार जी पवन पुत्र बादल जी और ऋषि जी की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की एवं प्रोफेसर नीलम राठी एवं प्रसिद्ध विचारक विद्वान दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष डॉ अवनिजेश अवस्थी सहित 137 साहित्यकार उपस्थित रहकर के अपने विनम्र श्रद्धांजलि प्रकट की। केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र दुबे एवं डॉ सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने सभी का आभार प्रकट किया। उल्लेखनीय रहा कि डॉक्टर गोयनका जी के परिवार के सभी सदस्य श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहे और अखिल भारतीय साहित्य परिषद और केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।
बांके बिहारी महाराज की जय
वृन्दावन । अखिल भारतीय साहित्य परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित सर्व भाषा साहित्यकार सम्मान , समरोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शुशील चन्द्र तिर्वेदी जी संगठन मंत्री श्रे श्रीधर पराड़कर ज़ी सह संगठन मंत्री श्री मनोज ज़ी सहित उत्तर प्रदेश के कार्यकर्त्ता और साहित्यकार उपस्थित रहे आयोजक ब्रज प्रांत प्रदेश महामंत्री डॉ महेश जी , प्रांत अध्यक्ष श्री सुरेशबाबू सहित सभी कार्यकर्त्ताओ को साधुवाद।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद, पंजाब प्रांत की कार्यकारिणी-बैठक
अखिल भारतीय साहित्य परिषद, पंजाब प्रांत की कार्यकारिणी-बैठक, २२.०६.२०२५ उपस्थिति: श्री मनोज कुमार, अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री, अखिल भारतीय साहित्य परिषद प्रो. नीलम राठी : राष्ट्रीय मंत्री, अखिल भारतीय साहित्य परिषद प्रो. सुनील : प्रांतीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, पंजाब एवं विभागाध्यक्ष, हिंदी-विभाग, अधिष्ठाता, भाषा-संकाय, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर डॉ. अजय शर्मा : शिरोमणि हिंदी साहित्यकार, पंजाब डॉ. धर्मपाल साहिल : सुप्रसिद्ध साहित्यकार
श्री रविन्द्र पठानिया : प्रिंसीपल डी.आर. माडर्न वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अमृतसर एवं समाज सेवी डॉ. जी.एस. बाजवा : एसो.प्रो., समाजशास्त्र विभाग, जीएनडीयू
डॉ. पवन कुमार शर्मा: असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी), हिंदू कन्या महाविद्यालय, धारीवाल डॉ. संजय चौहान: असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी), एस.आर. राजकीय महिला महाविद्यालय, अमृतसर
उपरोक्त के अतिरिक्त डॉ. लवलीन कौर, श्री रमन शर्मा, मुकेश कुमार, अमरदीप सिंह, गुरसेवक सिंह, गुरशरन कुमार, मो. बिलाल, अभिजीत सिंह तोमर, राजवंत कौर, शशि कुमारी, लवली, पूजा, पायल, कीर्ति सिंह, भव्या, नीलांश मोदगिल आदि उपस्थित रहे।
द्रावनगिरि कर्नाटक , साहित्य परिषद कर्नाटक प्रदेश का अधिवेशन
7-8 जून द्रावनगिरि कर्नाटक , साहित्य परिषद कर्नाटक प्रदेश का अधिवेशन , इस अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ.सुशील चन्द्र त्रिवेदी”मधुपेश” जी , राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री मनोज कुमार जी और कर्नाटक के वरिष्ठ सम्मिलित हुए , आनंद की बात रही कि कर्नाटक के सम्पूर्ण पैतीस जनपदों से प्रतिभागी उपस्थित रहे , सभी को बधाई , भारत माता की जय
पुस्तक "देस - परदेस" का लोकार्पण एवं पद्मश्री दीदी विद्याबिंदु जी का सम्मान समारोह
हम सभी के लिए गर्व और हर्ष का विषय है कि परिषद द्वारा प्रकाशित महत्वपूर्ण कृति “देस – परदेस” का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भारत की प्रतिष्ठित साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक विभूति पद्मश्री दीदी विद्याबिंदु जी का विशेष सम्मान भी किया गया।
समारोह में देशभर से आए विद्वानों, साहित्य प्रेमियों और परिषद के सदस्यों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया। पुस्तक “देस – परदेस” भारतीय संस्कृति की जड़ों और प्रवासी अनुभवों के भावनात्मक ताने-बाने को बहुत ही संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है।
पद्मश्री दीदी विद्याबिंदु जी के अद्वितीय योगदान को सम्मानित करते हुए परिषद ने उन्हें “जीवन साधना सम्मान” से अलंकृत किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में साहित्य, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में परिषद के प्रयासों की सराहना की और युवाओं को अपनी विरासत से जुड़ने का संदेश दिया।
यह आयोजन न केवल एक साहित्यिक उपलब्धि का प्रतीक था, बल्कि भारतीयता के मूल्यों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल भी रहा।
ग्वालियर २१,२२ जून । साहित्य परिषद मध्यभारत प्रान्त का अधिवेशन संपन्न
ग्वालियर २१,२२ जून । साहित्य परिषद मध्यभारत प्रान्त का अधिवेशन संपन्न , आनंद यह भी कि प्रांत के सभी सोलह जनपदों से साहित्यकार विद्वान इस अधिवेशन में रहे । प्रांत अध्यक्ष डॉ कुमार संजीव जी , अधिवेशन संयोजक डॉ नुसरत मेहदी , महामंत्री आशुतोष शर्मा सहित सभी कार्यकर्त्ताओ को बधाई
पंत नगर देवभूमि उत्तराखंड ।
पंत नगर देवभूमि उत्तराखंड । अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा आयोजित संघ साहित्य समग्र चिंतन प्रवाह विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न । देश भर के सत्तर से अधिक विद्वानों का प्रतिभाग , दो दिनों तक गंभीर चिंतन मनन और नये संकल्पों के साथ गोष्ठी का समापन हुआ , सभी को हार्दिक बधाई💐🙏






२३-२४ मई २०२५ अखिल भारतीय साहित्य परिषद के उत्तरबंग प्रांत ( बंगाल) का कार्यकर्त्ता प्रशिक्षण वर्ग सिलीगुड़ी में संपन्न।सभी को बधाई।








रीवा मध्य प्रदेश 13 जुलाई , साहित्य परिषद्
रीवा मध्य प्रदेश 13 जुलाई , साहित्य परिषद् के आगामी 7.8 और 9 नवम्बर 2025 को होने वाले 17 वे राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारी हेतु राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक साथ ही व्यवस्था में मनोयोग से जुटे हुए कार्यकर्त्ताओ के साथ मिलन और मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्ड शुक्ल जी द्वारा सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों क़ा सम्मान ,महाकोशल के सभी कार्यकर्त्ताओ को बधाई। 💐





पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी से साहित्य परिषद् प्रतिनिधि मंडल ने की सौजन्य भेंट
नई दिल्ली, 19 जुलाई:
भारत गणराज्य के पूर्व राष्ट्रपति आदरणीय श्री रामनाथ कोविंद जी से आज साहित्य परिषद् के प्रतिनिधि मंडल ने शिष्टाचार भेंट की। यह भेंट साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को लेकर गहन संवाद और शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के रूप में हुई।
प्रतिनिधि मंडल में साहित्य परिषद् के संगठन मंत्री आदरणीय श्रीधर पराड़कर जी, अध्यक्ष आदरणीय डॉ. सुशील जी, संयुक्त महामंत्री डॉ. पवनपुत्र बादल जी तथा श्री ब्रजेश गर्ग जी शामिल रहे।
भेंट के दौरान परिषद् द्वारा किए जा रहे साहित्यिक कार्यों और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद जी ने परिषद् के प्रयासों की सराहना करते हुए अपने आशीर्वचन प्रदान किए।

फिक्शन रायटर्स गिल्ड, श्रीनगर (कश्मीर) के साहित्यिक आयोजन में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
फिक्शन रायटर्स गिल्ड, श्रीनगर (कश्मीर) द्वारा आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री मनोज कुमार जी एवं डॉ. मुक्ति शर्मा जी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
दोनों माननीय अतिथियों ने भारतीय साहित्य, सृजनशीलता और युवा लेखकों की भूमिका पर अपने प्रेरणादायक विचार साझा किए। इस अवसर पर अनेक लेखकों, कवियों और साहित्यप्रेमियों ने भी भाग लिया तथा कश्मीर की वादियों में साहित्यिक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।


तत्वमसि पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीयुत श्रीधर जी पराड़कर द्वारा रचित पुस्तक “तत्वमसि” का लोकार्पण समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सर कार्यवाह श्री अरुण कुमार जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह जी तोमर ने की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष, साहित्य परिषद श्री सुशील चंद्र जी त्रिवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री विजय मनोहर जी तिवारी, कुलगुरु माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, एवं श्री अरविंद जी दुबे, कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा में वृद्धि की।
कार्यक्रम के अंत में प्रांत अध्यक्ष डॉ. कुमार संजीव जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
📚 यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और चिंतन के उच्च आदर्शों को समर्पित एक प्रेरणादायी क्षण के रूप में स्मरणीय रहेगा।



साहित्य और समाज पर संवाद: श्रीनगर में फिक्शन रायटर्स गिल्ड का प्रेरक कार्यक्रम
फिक्शन रायटर्स गिल्ड, श्रीनगर, कश्मीर के कार्यक्रम में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री मनोज कुमार जी एवं डॉ. मुक्ति शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। दोनों विद्वानों ने साहित्य, संगठन और राष्ट्रनिर्माण के आपसी संबंध पर अपने प्रेरक विचार साझा किए, जिससे कार्यक्रम ज्ञान, प्रेरणा और रचनात्मकता से परिपूर्ण बना।


“तत्वमसि” ग्रंथ का लोकार्पण : साहित्य और संस्कृति का संगम
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीयुत श्रीधर जी पराड़कर द्वारा रचित महत्वपूर्ण ग्रंथ “तत्वमसि” का भव्य लोकार्पण समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री अरुण कुमार जी रहे, जबकि मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह जी तोमर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील चंद्र जी त्रिवेदी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री विजय मनोहर जी तिवारी, तथा कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्री अरविंद जी दुबे भी ससम्मान उपस्थित रहे। अंत में, कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु प्रांत अध्यक्ष डॉ. कुमार संजीव जी ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।





















































